देहरादून - सदन में पेयजल, आवास, नगर विकास, श्रम एवं रोजगार और निर्वाचन विभाग के वित्तीय वर्ष 2010-11 का बजट स्वीकृत कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने सदन में जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास के लिए 748 करोड़ दस लाख 61 हजार, श्रम एवं सेवायोजन के लिए 53 करोड़ 47 लाख 69 हजार तथा निर्वाचन विभाग के लिए नौ करोड़ 67 लाख 24 हजार की अनुदान मांग प्रस्तुत की।
पेयजल, आवास व नगर विकास का बजट पेश करते हुए पंत ने कहा कि प्रदेश की जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। पंत ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2009-10 में ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र के तहत 29560.54 करोड़ का परिव्यय स्वीकृत था। जिसके सापेक्ष 224.62 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई और 279.98 करोड़ रूपए व्यय किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब तक 298.63 करोड़ से 938 बस्तियों में पेयजल व 96 पेयजल विहीन स्कूलो में पेयजल की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। नगरीय व ग्रामीण क्षेत्र में 783 हैंड पम्पों का अधिष्ठापन किया गया। 552 ग्रामीण व 26 नगरीय पेयजल योजनाओं का जीर्णोद्वार व पुर्नगठन किया गया। ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में 11 मिनी नलकूप व 34 नलकूपों को पूर्ण कर पेयजल आपूर्ति में वृद्धि की गयी है। ग्रामीण सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत 105002 स्वच्छ शौचालयों का निर्माण किया गया। ग्रामीण क्षेत्र में 76 डिग्गियों का निर्माण किया गया। घटते जल स्रोतों के स्रावो में वृद्धि करने के लिए वन, पेयजल, जलागम, सिंचाई, लघु सिंचाई सहित अन्य विभागों द्वारा 221 पेयजल स्रोतों के संवर्द्धन किया जा रहा है। दूसरे चरण में करीब 500 जल स्रोतों को रिचार्ज किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए पेयजल व जलोत्सारण कार्य के लिए 350.31 करोड़ का प्रावधान है। प्रथम चरण में श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, अगस्मुनि, सतपुली व बागेश्वर में यह कार्य शुरू किया जाएगा। इसके साथ अटल जल धारा की अभिवन परियोजना से हवा की नमी से पानी उपलब्ध कराकर ग्रामीण क्षेत्रों में पानी पंहुचाया जाएगा।
कांग्रेस के गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि सरकार की जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए कोई योजना नहीं है। 75 प्रतिशत पुरानी पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हैं। स्वैप के तहत गठित समितियों में भेदभाव है। विपक्षी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है। बसपा विधायक दल के नेता मोहम्मद शहजाद ने कहा कि सरकार पेयजल उपलब्ध कराने में असफल रही है। यदि सरकार गंभीर है तो प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए सौ-सौ हैंडपंपों की घोषणा करे।
श्रम, सेवायोजन एवं प्रशिक्षण विभाग का बजट प्रस्तुत करते हुए पंत ने कहा कि विभिन्न कार्यो में कार्यरत कर्मकारों के हित के लिए समितियों का गठन किया जा रहा है। इनमें राज्य श्रम संविदा सलाहकार बोर्ड, श्रमजीवी पत्रकार त्रिदलीय समिति, न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड, उत्तराखंड वेक्यूमपेन चीनी मिल त्रिदलीय समिति, भवन एवं अन्य कर्मकार कल्याण बोर्ड का पुर्नगठन किया जाना है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में औघोगिक क्षेत्र कोटद्वार, किच्छा, खटीमा, जसपुर व बाजपुर में चिकित्सालय खोले जा रहे हैं। सिडकुल, हरिद्वार व उधमसिंहनगर में चिकित्सालय तथा हरिद्वार में ईएसआई मेडिकल कालेज स्थापित किए जाने की योजना है। सेवायोजन विभाग के माध्यम से विगत वर्ष 1,968 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया है जबकि सेवायोजन कार्यालय में 4,94,426 बेरोजगार अभ्यार्थी का पंजीकृत है। दस्तकार प्रशिक्षण योजना के तहत प्रदेश में 107 राजकीय औघोगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वीकृतहै।
कांग्रेस के विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि सरकार के पास असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए कोई नीति नहीं है। बाल श्रम पर अंकुश लगाने पर मौन है। ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने पर भी कोई बात नहीं कही गई है। रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं है। निर्वाचन विभाग के बजट पर कांग्रेस के गोपाल सिंह राणा ने कटौती प्रस्ताव रखा। बाद में सभी विभागों के बजट को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।