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सूरत जीरो स्लम आपदा : और 1650 झोपड़ियां टूटी

Posted on 08 May 2010 by admin

सूरत/ बीते एक हफ़्ते में महानगर पालिका ने शहर के तीन इलाकों से 1650 झोपड़ियों को तोड़ा है। सूरत को झोपड़पट्टी रहित बनाने के मिशन ने अबकि 8500 से भी ज्यादा लोगों को बेघर बनाया है। इसके बदले, प्रशासन ने उन्हें शहर की सीमारेखा से कोसों दूर कोसाठ या अन्य इलाकों में बसाने का आश्वासन दिया है।

सुभाषनगर झोपड़पट्टी हटाने की बड़ी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने के बाद, सूरत महानगर पालिका ने अपने काम को जारी रखा और मैनानगर इलाके की तकरीबन 300 झोपड़ियों को तोड़ डाला। उसके बाद, उदना और सेंट्रल जोन में भी विध्वंस का यही नजारा देखने को मिला। यहां की तुलसीनगर और कल्याणनगर की तकरीबन 1100 झोपड़ियों को तोड़ा गया। इस इलाके में एक सड़क व्यवस्था को ठिकाने पर लाना था, जिसके चलते 5000 से ज्यादा गरीबों को ठिकाने लगाया गया। नतीजन, यहां से प्रशासन ने 24000 वर्ग मीटर की जगह खाली करवायी है। मगर दूसरी तरफ, यहां से उजड़े लोगों की शिकायत है कि- वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर, प्रशासन ने उनके लिए बमरोली और बेस्तान जैसे इलाकों में चले जाने का सुझाव भर दिया है, उसके आगे कुछ भी नहीं किया है।
 
इसी तरह, सेंट्रल जोन में सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के लिए तकरीबन 550 झोपड़ियों को तोड़ा गया है। यहां से तकरीबन 2500 से ज्यादा लोगों को उजाड़ने के बाद प्रशासन ने दावा किया है कि- शुरू में तो रहवासियों ने डेमोलेशन का बहुत विरोध किया, मगर बाद में कोसाठ में बसाने की बात पर सब मान गए। जबकि यहां से उजाड़े गए लोग कहते हैं कि- उन्हें डेमोलेशन की सूचना तक नहीं दी गई थी और डेमोलेशन की कार्रवाई को बड़ी निर्दयतापूर्वक पूरा किया गया, जिसके चलते उन्होंने प्रशासन का विरोध भी किया।
 
प्रशासन की तरफ से यह साफ हुआ है कि उसका अगला निशाना अब बापूनगर कालोनी है, जहां तकरीबन 2700 घरों में 15000 से भी ज्यादा लोग रहते हैं। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि- फिलहाल स्लम डेमोलेशन का जो लक्ष्य उसके सामने है, उसे 15 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
 
 
कैसे बनेगा सूरत जीरो स्लम : 
सूरत को जीरो स्लम बनाने के लिए 1 लाख से ज्यादा झोपड़ियों को तोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। मगर सरकारी योजना में पुनर्वास के लिए केवल 42 हजार घर बनाये जाने हैं। ऐसे में 56 हजार से ज्यादा घरों का क्या होगा ?

एक तरफ झोपड़ियों को साफ करने का काम जोरो पर है, दूसरी तरफ उन्हें बसाने की बात तो बहुत दूर, अभी तक तो यही साफ नहीं हो पाया है कि बसेगा कौन, कैसे और कब तक ?

झोपड़पट्टियों को उजाड़ने के बाद उन्हें कोसाठ जैसी जगहों पर बसाने का अश्वासन दिया जा रहा है, यह जगह विस्थापितों की जगहों से 15 किलोमीटर तक दूर है। फिर यह बाढ़ प्रभावित इलाका भी है। इसलिए एक बात तो यह है कि शहर के बाहर उन्हें काम नहीं मिलेगा और अगर वह काम की तलाश में शहर आए-गए भी तो 150 रूपए प्रति दिन की दिहाड़ी मजदूरी में से कम-से-कम 40 रूपए प्रति दिन (क्योंकि यहां से बस नहीं मिलती, सिर्फ ऑटो मिलते हैं) का तो किराया ही जाएगा। ऐसे में अगर किसी दिन मजदूरी नहीं मिली तो उस दिन का किराया तो फालतू में ही जाएगा। दूसरी बात यह भी कि जब यहां का इलाका बाढ़ के चलते पानी से भर जाएगा तो यहां की स्थिति पहले से कहीं ज्यादा भंयकर हो जाएगी।

किसी भी प्रशासन को झोपड़ियां तोड़ने के पहले संयुक्त राष्ट्र की गाइडलाईन माननी होती है। मगर बहुत सारे तजुर्बों से यह जाहिर हुआ है कि सूरत महानगर पालिका ने संयुक्त राष्ट्र की गाइडलाईन खुला उल्लंघन हो रहा है।

सूरत महानगर पालिका पर आरोप हैं कि उसने झोपड़पट्टियों में गलत सर्वेक्षण किये हैं। इसके अलावा वह कागजातों को लेकर भी कई गंभीर अनियमिताओं से घिरी हुई हैं।
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शिरीष खरे ‘चाईल्ड राईटस एण्ड यू’ के ‘संचार-विभाग’ से जुड़े हैं।

Vikas Sharma
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देश भर के 13 स्कूली बच्चों को बाल भारती निबंध प्रतियोगिता पुरस्कार - देश भर के 13 स्कूली बच्चों को बाल भारती निबंध प्रतियोगिता पुरस्कार

Posted on 16 April 2010 by admin

नई  दिल्ली, शुक्रवार, 16 अप्रैल, 2010

देश भर के 13 स्कूली बच्चों को बाल भारती निबंध प्रतियोगिता-2009 के पुरस्कार दिए गए। प्रथम पुरस्कार के लिए दिल्ली की संस्कृति रावत, दूसरे पुरस्कार के लिए वर्धा, महाराष्ट्र के ओम कन्हैया बजाज और तीसरे पुरस्कार के लिए जोधपुर, राजस्थान की निधि शुक्ला के निबंध को चुना गया। इस मौके पर अन्य 10 को सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। तेरह विजेता बच्चों में से दस दिल्ली से बाहर के हैं। इनमें वर्धा, जोधपुर, नरसिंहपुर (म.प्र.), बड़वानी (म.प्र.), जयपुर, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड), सिरसा (हरियाणा), कानपुर (उ.प्र.), हैदराबाद (आ.प्र.), जमशेदपुर (झारखंड) जैसे दूर शहरों के प्रतियोगी शामिल हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि तमन्ना फाउंडेशन की अध्यक्ष और शिक्षाविद श्रीमती श्यामा चोना ने विजेताओं को पुरस्कार बांटे।

वर्ष 2006 से हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रही इस प्रतियोगिता में इस बार करीब एक हजार बच्चों ने भाग लिया। इस प्रतयोगता में ‘टीवी कार्यक्रमों में बच्चों की भूमिका- उचित या अनुचित’ विषय पर देश भर के छात्रों ने अपने रचनात्मक निबंध भेजे। उनका मूल्यांकन चयन समिति ने किया। 

इस मौके पर गणित जैसे विषय पर हिंदी में रोचक पुस्तकें लिखने वाले श्री आइवर यूशिएल की पुस्तक ‘खेल है गणित’ का विमोचन भी किया गया। बाल मनोविज्ञान को समझते हुए बच्चों के लिए गणित को रोचक बनाने के तरीके इस पुस्तक में हैं। लेखक ने अनेक कठिन लगने वाले प्रश्नों के हल ढूंढने की तरकीबें भी पुस्तक में बताई हैं जो न केवल रोचक हैं बल्कि खेल-खेल में बच्चों के मन से गणित का डर दूर करती है।

पिछले 62 वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रही बाल भारती सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत प्रकाशन विभाग की एक उत्कृष्ट मासिक पत्रिका है। मनोरंजक और ज्ञानवर्धक होने के साथ ही यह बच्चों और किशोरों की प्रतिभा के विकास के लिए रचनात्मक अभियान भी चलाती रही है। वार्षिक निबंध और चित्रकला प्रतयोगिताएं और दूसरी गतिविधियां इसी अभियान का हिस्सा हैं जो बच्चों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की प्रेरणा देती हैं। इसमें पाठकों को सक्रिय रूप से शामिल करने की कोशिश लगातार जारी है। बदलते समय के साथ पत्रिका का कलेवर, प्रस्तुतीकरण बदला है। फिर भी पत्रिका की कीमत सिर्फ आठ रुपए है। संभवतः देश की सबसे पुरानी हिंदी की लोकप्रिय बाल पत्रिका बाल भारती की प्रसार संख्या डेढ़ लाख से ज्यादा है। 

कार्यक्रम में  अतिथियों का स्वागत प्रकाशन  विभाग की अपर महानिदेशक  श्रीमती वीना जैन ने किया। हर वर्ग और और भाषा-भाषी के लिए किफायती दरों पर पठनीय सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य के साथ प्रकाशन विभाग हर माह 13 भारतीय भाषाओं में राष्ट्रीय विकास को दर्शाती ‘योजना’ पत्रिका छापता है। इसके अलावा विभाग हिंदी और अंग्रेजी में ग्रामीण विकास की पत्रिका ‘कुरुक्षेत्र’, तथा हिंदी, और उर्दू में साहित्यिक पत्रिका ‘आजकल’ का प्रकाशन भी करता है।

 


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उत्तराचंल सरस मेला लखनऊ मे

Posted on 30 March 2010 by admin

लखनऊ  01सरस मेले में उत्तराचंल के दुलर्भ अनाज और मसाले के साथ पहाड़ी लहसुन तथा अनेक जड़ी बूटी लेकर आई स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष कमला बिश्ट तथा रिश्म बिश्ट ने बताया कि खटीमा की कुछ बेरोजगार महिलाओं एकत्र करके स्वयं सहायता समूह का गठन करके ग्राम्य विकास से प्रिशक्षण लिया। पहाड़ पर प्राकृतिक रूप से बिना खाद के पैदा हो रही विभिन्न प्रकार की दुर्लभ दाले तथा मसालों एवं जड़ीबूटी का संग्रह करके विक्रय की प्रक्रिया को भारी सफलता मिल रही है। विभिन्न शहरों में सरस मेले में भाग ले चुकी रिश्म बिश्ट बताती है लखनऊ के लोग बहुत अच्छे है पहाड़ी राजमा, सफेद पहाड़ी मिर्च, धन्ताशा, जखिया, सोयाबीन, सफेद तथा पीला सरसों,चिरंगादाल, पहाड़ी सफेद कलीमिर्च, लाल मिर्च, हल्दी खूब खरीद रहे है। लखनऊ में  ग्राम्यविकास विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों को बाजार देने हेतु सरस मेला लगाकर स्वयं सहायता समूह के लेागों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने तथा विपणन की सुविधा देने में महत्वपूर्ण भागीदारी की है। कम कीमत पर दैनिक उपयोग की चीजे मिलने के कारण सरस मेला में उमड़ रही भीड़ से स्वयं सहायता समूहो को अपने उत्पाद बेचने में सरलता हो रही है। सांस्कृतिक कार्यक्रम खूब मनोरंजन कर रहे है।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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देश में हाल में हुए कुछ बड़े आतंकवादी हमले का घटनाक्रम.

Posted on 14 February 2010 by admin

असम, 30 अक्टूबर 2008: असम में 18 आतंकवादी हमलों में कम से कम 77 लोग मारे गए और सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए।

मुंबई, 26 नवंबर 2008: मुंबई में सिलसिलेवार विस्फोटों और भीड़भाड़ वाले सीएसटी रेलवे स्टेशन, ओबेराय एवं ताज होटल सहित कई स्थानों पर बेतरतीब गोलीबारी में 170 से ज्यादा लोग मारे गए।

इंफाल, 21 अक्टूबर 2008: मणिपुर पुलिस कमांडो परिसर के नजदीक शक्तिशाली विस्फोट में 17 लोग मारे गए।
मालेगांव (महाराष्ट्र), 29 सितंबर 2008: भीड़भाड़ वाले बाजार में मोटरसाइकिल में रखे विस्फोटकों के विस्फोट होने से पांच लोगों की मौत।
मोदासा (गुजरात), 29 सितंबर 2008: एक मस्जिद के नजदीक कम तीव्रता वाले बम विस्फोट में एक की मौत, कई घायल।
नई दिल्ली, 27 सितंबर 2008: महरौली के भीड़भाड़ वाले बाजार में बम फेंकने से तीन लोगों की मौत।
नई दिल्ली, 13 सितंबर 2008: शहर के विभिन्न हिस्सों में छह बम विस्फोटों में 26 लोगों की मौत।
अहमदाबाद, 26 जुलाई 2008: दो घंटे से कम समय के भीतर 20 बम विस्फोटों में 57 लोगों की मौत।
बेंगलूर, 25 जुलाई 2008: कम तीव्रता के बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत।
जयपुर, 13 मई 2008: सिलसिलेवार बम विस्फोट में 68 लोगों की मौत।
जनवरी 2008: रामपुर में सीआरपीएफ शिविर पर आतंकवादी हमले में आठ की मौत।
अक्टूबर 2007: राजस्थान के अजमेर शरीफ में रमजान के समय दरगाह के अंदर विस्फोट में दो की मौत।
अगस्त 2007: हैदराबाद आतंकवादी हमले में 30 की मौत, 60 घायल।
मई 2007: हैदराबाद के मक्का मस्जिद में विस्फोट में 11 की मौत।
19
फरवरी, 2007: भारत से पाकिस्तान जाने वाली ट्रेन में दो बम विस्फोटों में कम से कम 66 यात्री जल मरे जिनमें अधिकतर पाकिस्तानी थे।
सितंबर, 2006: मालेगांव के एक मस्जिद में दोहरे बम विस्फोट में 30 लोगों की मौत और सौ लोग घायल।
जुलाई 2006: मुंबई मुंबई की ट्रेनों में सात बम विस्फोटों में 200 से ज्यादा लोगों की मौत और 700 अन्य घायल।
मार्च 2006: वाराणसी के एक मंदिर और रेलवे स्टेशन पर दोहरे बम विस्फोट में 20 लोगों की मौत।
अक्टूबर 2005: दीवाली से एक दिन पहले नई दिल्ली के व्यस्त बाजारों में तीन बम विस्फोटों में 62 लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल।



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पुणे में जबर्दस्त धमाका, नौ लोग मारे,53 घायल

Posted on 14 February 2010 by admin

पुणे में जर्मन बेकरी में हुए शनिवार शाम एक बम विस्फोट में पांच महिलाओं और एक विदेशी नागरिक सहित नौ लोग मारे गए और 53 अन्य घायल हो गए।r-b

मुम्बई में 14 महीने पहले हुए आतंकी हमले के बाद हुआ यह विस्फोट पहला आतंकी हमला है। आईआईडी जर्मन बेकरी की रसोई के बाहर रखे एक लावारिस पैकेट में रखा था जिसमें शाम लगभग साढ़े सात बजे जबर्दस्त धमाका हुआ।विस्फोट के बाद घटनास्थल पर लोमहर्षक नजारा देखा गया। चारों तरफ खून के लोथड़े और लोगों के क्षत-विक्षत शव बिखर गए। धमाके में घायल एक व्यक्ति संतोष ने कहा कि मैं ऑटोरिक्शा से जा रहा था। मैंने विस्फोट की जोरदार आवाज सुनी और लगा कि धरती हिल गई।

जर्मन बेकरी शहर के छावनी क्षेत्र स्थित एक पुराना व्यावसायिक प्रतिष्ठान है जो रजनीश द्वारा स्थापित ओशो आश्रम आने वाले विदेशियों का पसंदीदा स्थल है। ऐसा माना जाता है कि अमेरिका का संदिग्ध आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली अपनी पुणे यात्रा के दौरान ओशो आश्रम में ठहरा था।

केंद्रीय गृह सचिव गोपाल कष्ण पिल्लई ने नई दिल्ली में कहा कि बहुत मुमकिन है कि यह आतंकी हमला हो। हम जांच में राज्य पुलिस की मदद के लिए सीबीआई की फॉरेंसिक टीम और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सदस्यों को भेज रहे हैं।

पुणे के पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने कहा कि विस्फोट में नौ लोग मारे गए हैं जिनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। राज्य सरकार से मिली सूचना के आधार पर पिल्लई ने नई दिल्ली में मीडिया कर्मियों से कहा कि मृतकों और घायलों में एक-एक विदेशी शामिल है लेकिन वह इनकी पहचान के बारे में नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि विस्फोट के शिकार हुए बाकी लोग भारतीय माने जाते हैं लेकिन स्थिति बदल सकती है।

गृह मंत्रालय ने देशभर में अलर्ट जारी कर लोगों से कहा है कि वे संदिग्ध वस्तुओं को न छूएं और ऐसी कोई चीज देखे जाने पर पुलिस को सूचित करें। पिल्लई ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार को इस बारे में बताया था कि हेडली ने जिन क्षेत्रों की रेकी की उनमें ओशो आश्रम भी शामिल था।

शिकागो में पिछले साल एफबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए हेडली ने आतंकी हमलों के लिए मुम्बई सहित भारत के कई स्थानों की रेकी की थी। एफबीआई ने उसे उस समय पकड़ा था जब वह पाकिस्तान के लिए उड़ान भरने वाला था। शनिवार शाम हुए विस्फोट से बेकरी नष्ट हो गई और वहां खून तथा मानव अंग बिखरे पड़े थे। कुछ लोगों के चेहरे इतने जल गए कि उनकी पहचान भी मुश्किल थी।

इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री अशोक चहवाण ने इस विस्फोट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमें होशियार और सतर्क रहने की जरूरत है लेकिन इस पर अफरातफरी की कोई जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि विस्फोट की वजह का पता लगाना अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस आयुक्त से बात करके उनसे कहा है कि घटनास्थल पर मिले सुबूतों के परीक्षण से पहले वह किसी नतीजे पर पहुंचें। चहवाण ने इस घटना के आतंकवादी हमला होने के बारे में पूछे गए सवाल पर ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में इसे सिलेंडर में हुआ विस्फोट माना गया था। फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और धमाके की असल वजह का पता अभी नहीं लग सका है।

संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस घटना में घायल लोगों को ससून अस्पताल, उधरानी अस्पताल और जहांगीर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में कुछ विदेशी नागरिकों के भी शामिल होने के बारे में उन्होंने कहा हम इसका पता लगा रहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री छगन भुजबल ने कहा कि राज्य को खुफिया एजेंसियों से अनेक सूचनाएं मिली थीं लेकिन उनमें से कोई भी जानकारी ऐसी नहीं थी जिससे किसी घटना की जगह, समय और ऐसा करने का इरादा रखने वाले किसी व्यक्ति का पता लगता।


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मुस्लिम वोटर्स के खातिर अमर सिंह का इस्तीफा मंजूर

Posted on 17 January 2010 by admin

नई दिल्ली- समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह ने पार्टी के सभी पदों से अमर सिंह के इस्तीफे को मंजूर कर लिया है। अमर सिंह ने पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के महासचिव प्रवक्ता और संसदीय बोर्ड के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे की वजह उन्होंने खराब स्वास्थ्य को बताया थाए लेकिन बाद में यह साफ हो गया था कि रामगोपाल यादव और समाजवादी पृष्ठभूमि वाले कुछ नेताओं से उनके गहरे मतभेद हो गए थे।

हालांकि अमर सिंह के इस्तीफा देने के बाद मुलायम सिंह ने कहा था कि अमर सिंह का इस्तीफा वह मंजूर नहीं करेंगे और सारे मामले जल्द ही सुलझा लिए जाएंगे। उसके बाद भी रामगोपाल यादव और अमर सिंह के बीच जुबानी जंग जारी रही। इस दौरान अमर सिंह ने कई बार दोहराया कि वह अपने इस्तीफे वापस नहीं लेंगे।dsc_078

पार्टी के कुछ मुस्लिम विधायकों की मांग है कि पार्टी के मुखिया मुलायम यदि यादव अमर सिंह का इस्तीफा तुरन्त स्वीकार कर ले। विरोध का मोर्चा खोल चुके इन विधायकों के मुताबिक अमर सिंह की वजह से ही पार्टी से मुस्लिम वोटर्स दूर हो रहे है। उधर अमर सिंह के भाई अरविन्द सिंह ने कहा है कि उनकी अमर सिंह से बात हुई है। वो समाजवादी पार्टी में कतई नहीं लौटेंगे। अरविन्द सिंह ने कहा कि अमर सिंह पर हमला मुलायम सिंह के इशारे पर हो रहा है। लेकिन अमर सिंह ने साफ कर दिया कि वो इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। इशारों इशारों में धमकी भरे अन्दाज में अमर ने कहा कि उनके कहने पर ही जया प्रदा और जया बच्चन भी पार्टी छोड सकती है।

 


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कोहरे के कारण कई “उड़ानें,रेलगाड़ियों” प्रभावित

Posted on 08 January 2010 by admin

नई दिल्ली। उत्तर भारत में शुक्रवार को कोहरे के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त रहा। इसके कारण कई उड़ानें प्रभावित हुई और कई रेलगाड़ियों को भी रद्द करना पड़ा। मौसम विभाग का कहना है कि सप्ताहांत में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय पर दृश्यता सीमा कम होने की वजह से 30 घरेलू और 20 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही प्रभावित हुई।

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हवाईअड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम थी, जिस वजह से उड़ानें परिचालन प्रभावित हुआ। शुक्रवार को 36 रेलगाड़ियों को रद्द किया गया वहीं 22 रेलगाड़ियां समय से देरी से चल रही है वाही झाँसी से दिल्ली जाने वाली कई गाड़िया प्रभाबित हुई  और सात के समय में फेरबदल किया गया है।

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दिल्ली में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियल रहने की उम्मीद है। शुक्रवार को सबसे सर्द इलाका अमृतसर रहा। वहां न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। लुधियाना और पटियाला में न्यूनतम तापमान क्रमश: पांच और 5.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। चण्डीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा के अंबाला, हिसार और करनाल शहरों में न्यूनतम तापमान क्रमश: 5.1, 9.5 और 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।


Vikas Sharma
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