हरिद्वार - कुंभ मेला क्षेत्र स्थित शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानन्द महाराज के शिविर में उड़ीसा के पूर्व मुख्यमन्त्री गिरधर गोमांग के दल ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। बुधवार की शाम कार्यक्रमों का समापन वन्देमातरम् की प्रस्तुति के साथ हुआ। वन्देमातरम् की प्रस्तुति से पूरा माहौल देशभक्तिमय हो उठा।
कार्यक्रम का प्रारंभ शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानन्द महाराज की चरण पादुका की पूजा के साथ हुआ। इसके बाद गिरधर गोमांग ने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ सभी वाद्ययन्त्रों पर जुगलबन्दी उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कलाकारों ने सत्यम शिवम सुन्दरम की बेहतरीन प्रस्तुति दी। सत्यम शिवम सुन्दरम की धुनों पर श्रद्धालु भी झूम उठे।
शंकराचार्य अद्योक्षत्रानंद के शिविर में दो दिवसीय कार्यक्रम में श्री गोमांग ने अपने निर्देशन में बनी संगीत व नृत्य की प्रस्तुतियां पेश कीं। राष्ट्रीय भावनाओं से ओत-प्रोत इन भक्तिमय प्रस्तुतियों को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए।
श्री गोमांग के दल ने संगीतवाद्य यंत्रों की धुन पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं ‘वन्दे मातरम’ पर उनकी नृत्य मण्डली ने भारत मां की विभिन्न भाव-भंगिमाओं का चित्रण कर राष्ट्रभक्ति का अलख जगाने के लिए वहां उपस्थिति श्रोताओं में नया जोश भर दिया। इसके अलावा ब्रह्मा, विष्णु, महेश की स्तुति भी उड़िया लोकगीतों के माध्यम से की गई। साथ ही देवी-देवताओं के विभिन्न अवतारों का नृत्य के माध्यम से चित्रण किया गया।
कार्यक्रम की अन्तिम प्रस्तुति सबसे दमदार रही। वन्देमातरम के स्वर जैसे ही शिविर में गूंजे तो माहौल देशभक्तिमय हो उठा। धर्म और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखकर श्रद्धालु भावविह्ल हो उठे। मातृभूमि को नमन करने के साथ ही कार्यक्रम संपन्न् हो गया। इस अवसर पर जगद्गुरु रामानन्दाचार्य पुरुषोत्तमाचार्य महाराज, स्वामी नीलगिरी महाराज, कपूर कामाख्या राममूर्ति वीर आदि उपस्थित थे।
श्रीनगर गढ़वाल- चमराड़ा में आज से शुरू हो रहे तीन दिवसीय केदारखण्ड संस्कृति महोत्सव एवं औद्योगिक पर्यटन विकास मेला शुरू हो गया। महोत्सव में प्रसिद्ध लोकगायिका संगीता ढौंडियाल और लोकगायक गजेन्द्र राणा, मंगलेश डंगवाल के गीतों की धूम रहेगी।
आयोजन समिति ने 25 जनवरी को महोत्सव में एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है। श्रीनगर विधायक बृजमोहन कोटवाल ने रंगारंग महोत्सव का उद्घाटन किया। महोत्सव संयोजक प्रेमलाल पांडे ने बताया कि 24 जनवरी को सूखते जलस्रोत और सिंचाई की वर्तमान दशा विषय पर एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है जिसके मुख्य अतिथि प्रदेश के समाज कल्याण और सिंचाई मंत्री मातबर सिंह कंडारी रहेंगे। पीएल पांडे ने कहा कि महोत्सव में विद्यालयों की खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ ही निबंध और पेंटिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।
देहरादून- प्रदेश सरकार महाकुंभ के व्यापक फलक पर देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति की भव्य प्रस्तुति देगी। इस बाबत हाईपावर कमेटी के गठन के बाद अब हरिद्वार में संस्कृति के नोडल अफसर की तैनाती की गई है।
तीर्थ नगरी हरिद्वार में धार्मिक महापर्व महाकुंभ-2010 को देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए बतौर प्लेटफार्म इस्तेमाल करने की तैयारी है। सूबे में धार्मिक पर्यटन के लिए आने वालों की तादाद करोड़ों में है। महाकुंभ के दौरान देश-विदेश से जुटने वाले श्रद्धालुओं के सामने सूबे के चार धामों के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों की मार्केटिंग भी की जाएगी। सरकार ने इसके लिए संस्कृति महकमे को खाका तैयार करने को कहा है। इस मामले में सरकार की गंभीरता का अंदाजा इससे लग सकता है कि संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम तय करने को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय हाई पावर कमेटी गठित की जा चुकी है। उद्योग प्रमुख सचिव पीसी शर्मा कमेटी के सदस्य व संस्कृति प्रमुख सचिव राकेश शर्मा सदस्य सचिव हैं।
सरकार ने तय किया है कि संस्कृति के प्रचार-प्रसार की मुहिम महाकुंभ में एक मार्च से परवान चढ़ेगी। इस कार्य को बेहतर ढंग से अंजाम देने को बतौर नोडल अफसर डा. लालता प्रसाद की तैनाती की गई है। यही नहीं, संस्कृति की कार्य योजना को अंतिम रूप देने से पहले बदरी, केदार, गंगोत्री व यमुनोत्री से जुड़ी चार धाम विकास परिषद से प्रस्ताव मांगा गया है। प्राप्तजानकारीकेअनुसार संस्कृति निदेशालय ने भी उक्त संबंध में प्रस्ताव सरकार को सौंप दिया है। हालांकि, इसमें कार्य योजना का खाका मोटे तौर पर ही खींचा गया है। हाई पावर कमेटी की मुहर लगने के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। महाकुंभ में उत्तराखंड की लोक संस्कृति के विभिन्न रंग श्रद्धालुओं को लुभाएंगे। इन रंगों को देवभूमि की विरासत के तौर पर प्रस्तुत करने की तैयारी है।
बागेश्वर- 13 जनवरी से लगने वाले का निरीक्षण जिलाधिकारी डीएस गब्र्याल ने किया उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए उनक प्रस्तावित मार्गो का भी निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कहा कि 10 जनवरी तक सभी कार्य पूर्ण करा लिए जाएं।
जिलाधिकारी श्री गब्र्याल ने उत्तरायणी मेला स्थल का निरीक्षण किया उन्होंने कहा कि मेलार्थियों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों इसके लिए प्रभावी उपाय किए जाएं साथ ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे कानून व्यवस्था बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करे कहा कि व्यवसायी को सुरक्षा प्रदान की जाय। श्री गब्र्याल ने कहा कि मेले के दौरान सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा। इस दौरान नगर पालिकाध्यक्ष सुबोध लाल साह ने मेले के लिए पालिका द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि मेलार्थियों की हर सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है। जिलाधिकारी ने मेलाध्यक्ष के साथ मुख्यमंत्री के आने के मार्गो आदि पर विचार किया।
""काम की गारंटी है" हर गाव की गारंटी है" हर महिला पुरुष को दाम की गारंटी है""
महात्मा गाँधी राष्टीय गामीणरोजगार अधिनियम
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