हरिद्वार - पतंजलि योगपीठ के ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष व योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज ने रामनवमी पर पतंजलि योगपीठ के द्वितीय चरण के तहत महर्षि वाल्मीकि धर्मशाला एवं संत रविदास लंगर भवन के उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि इस देश की दौलत का इस्तेमाल दलितों और गरीबों के उत्थान में होना चाहिए ना कि मायावती के गले का हार बनने में।
ट्रस्ट के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण महाराज ने कहा पंतजलि योगपीठ के द्वितीय चरण के अंतर्गत पांच हजार लोगों की क्षमता वाले महर्षि बाल्मीकि धर्मशाला एवं एक हजार लोगों की क्षमता वाले संत रविदास लंगर भवन का उद्घाटन महत्वपूर्ण कदम है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास महाराज ने कहा कि योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज ने दीन-हीन एवं निर्धन व्यक्तियों के लिए वाल्मीकि धर्मशाला एवं संत रविदास लंगर का निर्माण कर जो परोपकार का कार्य किया है वह सराहनीय है। जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी ने कहा कि स्वामी रामदेव द्वारा रामनवमी के पावन पर्व पर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के माध्यम से राष्ट्र के निर्माण का जो पुनीत कार्य किया जा रहा हैं, वह वंदनीय है।
भारत माता मंदिर के संस्थापक निवर्तमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानन्द महाराज ने कहा कि योगक्रांति से समग्र विश्व में सुस्वास्थ्य का शंखनाद करने वाले तथा भारत स्वाभिमान (ट्रस्ट) के माध्यम से देश की दशा व दिशा बदलने वाले योगऋषि स्वामी रामदेव महाराज ने आलोचनाओं की चिंता किए बिना अपने समाजसेवी व राष्ट्रसेवी कार्यो का भली-भांति निवर्हन किया है। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने कहा कि स्वामी रामदेव ने देश के खोये स्वाभिमान को जगाने के लिए व्यवस्था परिवर्तन का बीड़ा उठाया है। मां साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि स्वामी जी का उद्धेश्य राष्ट्र में वैदिक मूल्यों की स्थापना करना है।
समारोह में उपस्थित हठयोगी महाराज ने कहा कि स्वामी जी ने कर्म की पृष्ठभूमि तैयार की है, उस पर चलकर देश का उत्थान होगा। पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन के कोठारी महंत राजेन्द्र दास महाराज ने कहा कि स्वामी रामदेव महाराज ने संसार को दिशा देने का कार्य किया हैं। इस अवसर पर स्वामी हरिचेतानंद महाराज ने कहा कि समाज के शोषण, भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए स्वामीजी ने सत्ता के शीर्ष पर बैठे राजनेताओं को चेतावनी दी है।













