देहरादून - डीएम ने जिले के सभी SDM बदले , Jharna Kamthan होंगी City Megistrate. Manoj Kumar होंगे SDM Mussoorie. Vinod Giri होंगे SDM Sadar, खाकी वर्दी वालो के कारनामे-जनता की जुवानी सफेद कुर्ते वाले नेताओ के कारनामे-जनता की जुवानी "uttarakhandlive.in" पर, आप के पास है कोई जानकारी तो आप भी बन सकते है सिटी रिपोर्टर हमें मेल करे editor@uttarakhandlive.in पर या 09415060119 फ़ोन करे , SPC मीडिया ग्रुप पेश करते है <UPNEWS>मोबाईल sms न्यूज़ एलर्ट के लिए अगर आप भी कहते है अपने और प्रदेश की खबरे अपने मोबाईल पर तो अपना <नाम-, पता-, अपना जॉब,- शहर का नाम, - टाइप कर 09415060119 पर sms

पूरे विश्व में आज तक कहीं भी कुम्भ 2010 जैसा कोई आयोजन नहीं हुआ

Posted on 27 April 2010 by admin

पूरे विश्व में आज तक कहीं भी कुम्भ 2010 जैसा कोई आयोजन नहीं हुआ जहां एक ही स्थान से पूरी मानवता की रक्षा, प्र—ति के संरक्षण, पर्यावरण के प्रति समझ, जैव संसाधनों के संवर्धन, साम्प्रदायिकता, लालच, अपराध और हिंसा मुक्त विश्व के निर्माण, आपसी भाईचारे और सभी की उन्नति का सन्देश दिया है। इन अनुभवों का प्रभाव संसार के प्रत्येक देश की स्थिरता, शान्ति और समृद्धि पर पड़ेगा। अविश्वास करने का कोई कारण नहीं कि आने वाले कुम्भ के कारण विश्व शान्ति बढ़ेगी। उक्त विचार उप निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) िशवप्रसाद भारती ने आज मीडिया सेंटर में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।

श्री भारती ने कहा कि प्रदेश सरकारों के माध्यम से लागू की गई भारत सरकार की अति महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी राश्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना (मनरेगा) अधिकतर लोगों की नज़र में गांवों के गरीब, बेरोजगार खेतिहर मजदूरों को केवल रोजगार देने वाली योजना ही नहीं बल्कि गांवों के समग्र विकास और देश से भुखमरी दर करने वाली महत्वपूर्ण योजना है जिसको नये सिरे से समझने की आवश्यकता है। नरेगा का विशेश अध्ययन शोध करने वाले उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के उप निदेशक िशवप्रसाद भारती ने बताया कि मनरेगा योजना को केवल मजदूरों को लाभ देने वाली योजना के रूप में प्रचारित किया है जबकि नरेगा गांव के भूमिहीन, खेतिहर मजदूरों, बेरोजगार परिवारों को उनके पारिवारिक काम के अलावा साल में 100 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने वाली योजना तो है ही साथ ही गांव की स्थानीय आवश्यकता के अनुसार विकास योजनायें स्वयं बनाकर और स्वयं लागू करके गांवों के सर्वागींण उत्थान करके गांवों की भुखमरी समाप्त करने की योजना है।

श्री भारती के अनुसार मनरेगा योजना में ग्रामीण क्षेत्र के रोजगार के इच्छुक सभी परिवारों को उनके पारम्परिक व्यवसाय व रोजगार के अलावा 100 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने की व्यवस्था की जाती है जिसमें न्यूनतम 100 रूपया प्रतिदिन की मजदूरी के अनुसार प्रत्येक परिवार को औसतन 10 हजार की अतिरिक्त आमदनी साल भर में होना नििश्चत है जिससे वह अपने परिवार का भरण-पौशण अवश्य कर सकेगा और परिवार के किसी सदस्य को भूखों मरने की नौबत नहीं आयेगी। चूंकि नरेगा राश्ट्रीय स्तर पर लागू रोजगार योजना है इसलिए इसका लाभ देशभर के बेरोगार परिवार उठा सकते हैं। इस प्रकार यदि राश्ट्रीय स्तर पर ईमानदारी से नरेगा लागू हो जाये तो देश से भुखमरी समाप्त करने वाली योजना भी सिद्ध हो सकती है।

श्री भारती ने इसके लिए एक पुस्तक “मजदूरों को रोजगार की गारण्टी´´ भी लिखी है और नि:शुल्क हैल्पलाईन शुरू की है जिस पर नि:शुल्क जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। इसका दूरभाश संख्या 9412523148 है। श्री भारती सन् 1998 में हरिद्वार कुम्भ मेला में मीडिया प्रभारी के रूप में कार्य कर चुके हैं।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

Comments are closed.


www.internationalnewsandviews.com
Advertise Here
Advertise Here
-->



""काम की गारंटी है" हर गाव की गारंटी है"
                                         हर महिला पुरुष को दाम की गारंटी है""
महात्मा गाँधी राष्टीय गामीणरोजगार अधिनियम
 Type in