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Categorized | देहरादून

13वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान का बेहतर उपयोग किये जाने पर बल

Posted on 03 June 2011 by admin

मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने प्रदेष में न्याय प्रणली में सुधार एवं आवष्यक संसाधनों की सुलभता के लिये 13वें वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान का बेहतर उपयोग किये जाने पर बल दिया है। शुक्रवार को सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में इस हेतु प्राप्त अनुदानों के अनुश्रवण व इसके समुचित उपयोग आदि के लिये गठित उच्च स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 13वें वित्त आयोग से पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष प्राप्त 20 करोड़ रुपये की धनराषि प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि इस धनराषि का उपयोग न्याय प्रणाली में सुधार के साथ ही आवष्यक अवस्थापना सुविधाओं व मानव संसाधनों के विकास में इसका उपयोग किया जाय, ताकि आम आदमी को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके तथा लम्बित वादों के निस्तारण में तेजी आ सके।

मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल यू.सी.ध्यानी से अपेक्षा की कि वे इस सम्बन्ध में प्रस्ताव समिति को प्रेषित करा दे, ताकि इस पर यथा समय निर्णय लिया जा सके। रजिस्ट्रार जनरल यू.सी.ध्यानी ने बताया कि प्रदेष में कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति का प्रस्ताव है। इसके साथ ही वादों के निस्तारण में तेजी लाने के लिये देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर व नैनीताल (हल्द्वानी) में सुबह-षाम कोर्ट लगायी जायेगी। शाम को इसका समय 4.30 बजे से 6.30 बजे रखा जायेगा तथा इस हेतु स्टाॅफ को अतिरिक्त मानदेय की व्यवस्था की जायेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्थलों पर हेरिटेज कोर्ट बिल्डिगों का भी रखरखाव किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि प्राप्त धनराषि से न्यायिक अधिकारियों, सरकारी अधिवक्ताओं, पब्लिक प्रोसिक्यूटर आदि को प्रषिक्षण दिया जायेगा।

निदेषक उत्तराखण्ड न्यायिक एवं िवधिक अकादमी आर.डी.पालीवाल ने बताया कि प्रषिक्षण केन्द्र व 30 कमरों के हाॅस्टल निर्माण के लिये प्रतिवर्ष 3 करोड़ रुपये की धनराषि की व्यवस्था है। इससे अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी आने के साथ ही व्यवस्था संचालन में भी काफी सहूलियते हो जायेगी। प्रमुख सचिव गृह राजीव गुप्ता ने कहा कि न्यायिक प्रणाली को आम आदमी के लिए सुलभ बनाया जाय और अनुदान रूप में मिलने वाली धनराषि को इसके लिए अधिक से अधिक उपयोग में लाया जाय। बैठक में अधिक से  अधिक लोक अदालतों के आयोजन पर लीगल एड पर भी ध्यान देने एवं जिलाधिकारियों को भी लाइब्रेरी सुविधा व न्यायिक विषय से संबंधित पुस्तकों के क्रय हेतु सहायता उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव रखा गया।

बैठक में प्रमुख सचिव वित आलोक कुमार जैन, प्रमुख कार्मिक उत्पल कुमार सिंह, सचिव वित राधा रतूड़ी, सचिव न्याय डी.पी.गैरोला, पुलिस महानिरीक्षक अभियोजन आलोक बिहारी लाल , अपर सचिव वित एस.पी.जोषी, निदेषक कोषागार शरदचंद्र पाण्डेय आदि उपस्थित थे।

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
मो0 9415508695
upnewslive.com

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