शिक्षा मंत्रालय को गति दे गए निशंक-खराब स्वास्थ्य बनी बेड़ियां।

डॉ रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने मोदी 2.0 में महत्वपूर्ण मानव संसाधन विकास मंत्रालय और बाद में शिक्षा मंत्रालय में बेहद कुशलता और कार्य क्षमता के साथ अपने कार्यकाल का सफल निर्वहन किया। आज मोदी जी के मंत्रीमंडल में विस्तार हो रहा है, बड़ी शालीनता से मंत्रीमंडल आपने अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ संवैधानिक कदम उठाते हुए इस्तीफा देकर नये चेहरों के लिए मार्ग प्रशस्त किया है।

कोरोना काल की चुनौती में आपका का दो वर्ष का सफल रहा। यह एक सौम्य सच्चाई है। मोदी जी के साथ कार्य करना स्वयं में एक सुखद स्वप्न और सौभाग्य है, यह अवसर इन सभी को मिला, यह भी महत्वपूर्ण है।

शिक्षा मंत्री डॉ निशंक ने ठीक एक वर्ष पहले भारत की नई शिक्षा नीति की घोषणा, क्रियान्वयन और नियोजन के लिए एक व्यापक रोड मैप बनाने के लिए भरपूर कार्य किया। निरंतर वेबीनार सेमिनार गोष्ठियों और कॉन्फ्रेंसेस के माध्यम से भारत की नई शिक्षा नीति को बिंदुवार एक एक शिक्षक छात्र और संस्थान तक पहुंचाने का कार्य सफलतापूर्वक किया। कोरोनाग्रस्त होने के बावजूद डॉ निशंक ने शिक्षा नीति पर कार्यरत और देश भर में कोविड-19 बाधित शिक्षा सत्र के नियमन के लिए निरंतर अपनी गतिशीलता व सक्रियता बनाए रखी।

दिल्ली विश्वविद्यालय को लेकर डॉ निशंक ने अपनी स्पष्ट निर्णायक क्षमता का परिचय देते हुए शिक्षा, शिक्षक और शिक्षक संस्थान के प्रति अपनी सकारात्मक सोच व सम्मान का प्रदर्शन करते हुए एक निर्देश से हुए एतिहासिक योगदान को उनके कार्यकाल की सफलता का एक मापदंड माना जाएगा।

डॉ निशंक ने दिल्ली विश्वविद्यालय में 4 वर्ष तक यूजीसी रेगुलेशन, प्रमोशन और परमानेंट अपॉइंटमेंट पर रोक लगाए बैठे वाइस चांसलर को हटाने का साहसिक फैसला लेकर एक रुके भी विश्वविद्यालय गति प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।

आज पूरा देश, शिक्षा जगत और दिल्ली विश्वविद्यालय साक्षी है कि पिछले 8 महीने में दिल्ली विश्वविद्यालय में पहले परमानेंट अप्वाइंटमेंट और फिर हजारों शिक्षकों प्रमोशंस हुए। दिल्ली विश्वविद्यालय की समस्त फ्रेटरनिटी सदस्य इस सफल कार्यकाल के संपन्न होने पर आपको साधुवाद और आभार व्यक्त करते हैं।

हार्दिक बधाई एवं भविष्य के लिए शुभकामनाएं

डॉ वी एस नेगी
सदस्य
कार्यकारी परिषद
दिल्ली विश्वविद्यालय

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