हाई कोर्ट से विधायक उमेश कुमार को बड़ा झटका।

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उमेश कुमार की बढ़ी मुश्किलें हाईकोर्ट ने कहा मेनटेनबल है इलेक्शन पेटिशन, 29 नवंबर से होगी सुनवाई…..

खानपुर निर्दलीय विधायक उमेश कुमार की घेराबंदी बढ़ती जा रही है। विवादित पत्रकार से विधायक बना उमेश कई मुक़दमे झेल रहा है और साथ ही कई याचिकाएं भी उसके विरुद्ध डाली गई है।

आज की ख़बर के मुताबिक़ नैनीताल हाईकोर्ट में उमेश कुमार के विरुद्ध चुनाव याचिका संख्या EP 02/22 पर सुनवाई हुई यह याचिका खानपुर के वीरेंद्र चौधरी द्वारा डाली गई थी ऐसी ही याचिका समाजसेवी और राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे द्वारा डाली गई थी। इस याचिका के विरुद्ध जाकर उमेश ने की इस याचिका को चैलेंज किया था और कहा था कि यह याचिका हाईकोर्ट में मेंटेनेबल नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से खड़े वक़ील पूरन सिंह रावत, आइ. एम कूदुस्सी ने अदालत में इस मामले पर अपना पक्ष रखा तो अदालत ने अब यह साफ़ कर दिया कि चुनाव याचिका पूर्ण रूप से पोषणी है। और तीन दिन के अंदर सभी गवाह और साक्ष्य याचिकाकर्ता की ओर से रिकॉर्ड पर लिए जाएंगे और सुने जाएंगे जिसके बाद 29 नवंबर से यह मामला “डे टू डे हियरिंग” के हिसाब से सुना जाएगा। ऐसे में यह माना जा सकता है न कि कोर्ट इस मामले को अनजाम तक ले जाने का मन बना चुका है। जहाँ कुछ समय तक उमेश कुमार और उसके अधिवक्ता इस बात को लेकर अति आत्मविश्वास में थे की उमेश कुमार की विधायकी पर ना तो कोई सवाल उठ सकता है और न ही इसके विरुद्ध कोई फ़ैसला आ सकता है, ऐसे में कोर्ट द्वारा आज का आदेश उमेश की परेशानी बढ़ा सकता है। याचिका में कोर्ट को बताया गया था कि उमेश कुमार ने चुनाव से पहले दाख़िल अपने हलफ़नामे में ख़ुद पर लगे गंभीर मुकदमों की जानकारी छुपाई है जिसमें दिल्ली रेप केस प्रमुख हैं, इसके अतिरिक्त उमेश कुमार पर 25 से अधिक आपराधिक मुक़दमे दर्ज है जिनमें से कइयों की जानकारियां हलफ़नामे में उमेश द्वारा छुपाई गयी है। इन्हीं आरोपों के चलते इस याचिका की सुनवाई हो रही थी। अब देखना होगा की इस मामले में उमेश अपनी विधायकी बचाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय को संतुष्ट कर पाते हैं या नहीं।

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